बेवजह रूठ जाना अच्छा नहीं लगा
दिल की बातें छुपाना अच्छा नहीं लगा
वो रास्ते में देखा मुझे गौर से
फिर नज़रें उसका हटाना अच्छा नहीं लगा
मनाते रह गए थे उसके रूठ जाने पे
न मानना उसका अच्छा नहीं लगा
तकदीर में मेरा गम कभी न होगा सोंचा था लेकिन
मुशीबत का सामना करना अच्छा नहीं लगा
सनम का एक मुस्कुराहट काफी था मेरे लिए
उसके आँखों को भिगाना अच्छा नहीं लगा
जियेंगे-मरेंगे साथ ’फरहत’ वादा था हमारे बिच लेकिन
अकेले मेरा कब्र में जाना उन्हें अच्छा नहीं लगा!!!!
दिल की बातें छुपाना अच्छा नहीं लगा
वो रास्ते में देखा मुझे गौर से
फिर नज़रें उसका हटाना अच्छा नहीं लगा
मनाते रह गए थे उसके रूठ जाने पे
न मानना उसका अच्छा नहीं लगा
तकदीर में मेरा गम कभी न होगा सोंचा था लेकिन
मुशीबत का सामना करना अच्छा नहीं लगा
सनम का एक मुस्कुराहट काफी था मेरे लिए
उसके आँखों को भिगाना अच्छा नहीं लगा
जियेंगे-मरेंगे साथ ’फरहत’ वादा था हमारे बिच लेकिन
अकेले मेरा कब्र में जाना उन्हें अच्छा नहीं लगा!!!!

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