Way to know about
Friday, 23 January 2015
Shayari: इश्क की दरिया में गोते लगा रहा था
इश्क
की
दरिया
में
गोते
लगा
रहा
था
नज़रों
से
दिल
की
बातें
बता
रहा
था
मुझे
तब
पता
चला
ये
सपना
था
,
जब
बाँहों
में
भरने
को
हाथें
उठा
रहा
था
..
।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment