Way to know about
Thursday, 22 January 2015
Shayari: ऊँचे हो कोई
ऊँचे
हो
कोई
पर्वत
तो
वो
साहिल
नहीं
होता
गौर
से
देखना
हर
गुनहगार
कातिल
नहीं
होता
बहुत
कुछ
जानते
भी
चुप
रहते
हैं
कई
लोग
इसका
मतलब
ना
बोलने
वाला
जाहिल
नहीं
होता
...
।।
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